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Sameer Dhamankar

Male Lives in pune, India Born on March 7, 1975
Sameer Dhamankar
पाक रिश्ते कभी नापाक नही होते रीश्तोम्पर कभी घटिया इलजाम नहीं होते मै तो यकिन रखता हू पाक रीश्तोम्पर मेरेलिये ये रिश्ते कभी मतलबी नही होते
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Sameer Dhamankar
रिश्ते वो वो नही जो सिर्फ मतलब के हो रिश्ते वो भी नही जिसमे सिर्फ झूट ही झूट हो रिश्ते तो वो है जिसमे सिर्फ प्यार और अपनापन हो
Sameer Dhamankar
रीश्तोनकी बात चली है तो प्यार भी होगा प्यार कि बात चली है तो दिल भी होगा रिश्ते तो ऐसे ही बनते है जनाब जिसमे प्यार और दिल भी होगा
Sameer Dhamankar
मुझे व हर रिश्ता मंजूर है जो मेरे दिलसे जुडा है ऊस रिश्तेको मै पसंद हू क्योकी वो मुझसे जुडा है
Sameer Dhamankar
ऊस रिश्तेको तुम सच्चे मनसे निभाया करो हर वो पाक रिश्ता उसे तुम निभाया करो अगर वो रिश्ता अपने ही लोगोंसे जुडा हो तो फिर उस रिश्तेको अपने दिल से लगाया करो
Sameer Dhamankar
सहम सी गयी है ख्वाइशे जरुरोतो ने शायद उंची आवाजमे बात की होगी
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Sameer Dhamankar
मझंदार मे फसे थे तीनकेका सहारा भी ना मिला दर्द कि गहेराई इतनी कि सोचनेका मोका भी ना मिला
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Sameer Dhamankar
रुसवाई कि दलदल है खामोशी कि आंधी है हम तो खुद फसे है यारो क्या रुसवाई और क्या आंधी है
Sameer Dhamankar
हम नादान थे जब मैने प्यारको चाहा हम नसमझ थे जब मैने दिलको पुकारा नादानी नसमझ को जनम देती है जब मैने आपको देखा और आपको चाहा
Sameer Dhamankar
Nandkishor Dhekane Sameer Dhamankar बेबीसी और रुसवाईकी बात कभी मत करना जब भी वो आती है तो एक तुफानसा ला देती है
Sameer Dhamankar
Nandkishor Dhekane Sameer Dhamankar ए मेरे दोस्त जब भी बात करो तो ऊस ख़ुशी कि बात करो सुना है ख़ुशी के साथ वो भी प्यार भी आता है ना कभी नजरअंदाज करना ऊस प्यार को बस प्यार की ही बात करो
Sameer Dhamankar
बेबीसी जब दिल पे छा जाये तो तनहायी जनम लेती है जब दर्द हदसे बढ जाये तो वो एक नासूर सी बन जाती है कोई दवा नही कोई मरहम नही इस दर्द को खतम करनेकेलीये जब कोई दवा भी ना मिले तो वो दरदे चुभन बन जाती है
Sameer Dhamankar
आपको जब देखा तो सच्चा प्यार करनेका मन हो गया दिल कि तपीश इतनी कि बनके बारिश बौछार करनेका मन हो गया
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Sameer Dhamankar
उमर दर उमर हम कम होते गये साल दर साल इसी इंतजार मे गुजर गये अब सोचनेकी ताकत ना रही इसी कशमकशमे दिन गुजर गये
Sameer Dhamankar
भवर से निकलके किनारे आ गये दलदल से निकलकर जमीपर आ गये क्या भंवर और क्या दलदल ये तो कहेनेकी बात है तनहायी से बचकर हम रास्ते आ गये
Sameer Dhamankar
रुसवाई भी इस तरह मुझे फिरसे रुलाके चली गयी सिमटी हुई सासे मेरी उखडा उखडा दिल है क्योकी फिरसे बेबीसी कि बेरुखी आज मुझे फिरसे इस मजधार मे मुझे अकेला छोड गयी
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Sameer Dhamankar
Sameer Dhamankar
आदमीकी नियत अगर साफ हो तो सबकुछ साफ ही दिखाई देता है
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Nandkishor Arvind Dhekane
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Nandkishor Arvind Dhekane
किसी मतलब के लिये खुदा ने रिश्तेको नही बनाया रीश्तोन्को पहेचानो मेरे दोस्त जिस किसीने ये असली रिश्ता निभाया
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Nandkishor Arvind Dhekane
तुमच्या मनात जर एखाद्याविषयी सच्ची भावना असेल तर तो माणूस तुमचा एक चांगला मित्र बनू शकतो एखाद्या मुलीविषयी तुमच्या मनात जर आदरयुक्त भाव असतील तेव्हाच ती मुलगी तुमच्या प्रेमाला प्रतिसाद देईल.
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